Home

हमारे बारे में


सन्देश

[cq_vc_flipbox avatarstyle=”fixed” frontfullimage=”4010″ avatartype=”image” frontcontentcolor=”#110008″ backtitle=”श्री तीरथ सिंह रावत” backcontent=”मा.मुख्य्मन्त्री, उत्तराखंड सरकार” flipdirection=”rightleft” cardstyle=”aqua” cardborder=”solid” bordercolor=”#dd0000″ avatarsize=”50″ elementheight=”142px” elementmargin=”-35px 0 0 0″ link=”url:http%3A%2F%2Fukprgov.in%2Fwp-content%2Fuploads%2F2019%2F01%2Fcm-sir-PR.pdf||target:%20_blank|”][cq_vc_flipbox avatarstyle=”fixed” frontfullimage=”3031″ avatartype=”image” frontcontentcolor=”#110008″ backtitle=”श्री अरविन्द पाण्डेय जी” backcontent=”मा.पन्चायती राज मंत्री, उत्तराखंड सरकार” flipdirection=”rightleft” cardstyle=”aqua” cardborder=”solid” bordercolor=”#dd0000″ avatarsize=”50″ elementheight=”142px” elementmargin=”3px 0 0 0″ link=”url:http%3A%2F%2Fukprgov.in%2Fwp-content%2Fuploads%2F2019%2F01%2Farvind-pandey-ji-message-for-website.pdf||target:%20_blank|”][cq_vc_flipbox avatarstyle=”fixed” frontfullimage=”3296″ frontcontentcolor=”#110008″ backtitle=”श्री एच. सी. सेमवाल” backcontent=”निदेशक, पंचायती राज, उत्तराखंड” flipdirection=”rightleft” cardstyle=”aqua” cardborder=”solid” bordercolor=”#dd0000″ avatarsize=”50″ elementheight=”142px” elementmargin=”3px 0 0 0″]

भारत की 70 प्रतिशत से अधिक जनता गावों में निवास करती है। ग्रामीणों से ग्राम सभा व ग्राम पंचायत अस्तित्व में आती है । प्राचीन काल से ही ग्रामीण विकास तथा न्याय व्यवस्था पंचायत आधारित रही है । भारत के इतिहास में वे ही शासन व्यवस्थाएँ सफल रहीं जिनकी पंचायत आधारित न्यायिक व्यवस्था अच्छी रही हैं। गांधी जी के सपनो के भारत का मूल भी ग्रामीण स्वशासन की सशक्तता ही था।
73 वे संविधान संशोधन के द्वारा पंचायतीराज व्यवस्था को एक नया रूप देते हुए पंचायतों को संवैधानिक दर्ज़ा दिया गया । इससे पंचायतीराज संस्थाओं के माध्यम से आम ग्रामीण समुदायों के लिए भागीदारी का मार्ग खुल गया है ।
उत्तराखंड राज्य में पंचायतों के सशक्तिकरण हेतु अनेको योजनाऐ संचालित की जा रही हैं। केन्द्र सरकार के सहयोग एवं राज्य सरकार के माध्यम से संचालित की जा रही इन लाभकारी योजनाओं के अच्छे परिणाम मिलने लगे हैं । पंचायतीराज विभाग का प्रयास हैं कि गावों के आखिरी व्यक्ति तक योजनाओं के लाभ मिल सके।

[cq_vc_cqcarousel images=”3325,3329″ slidestoshow=”2″ autoplay=”yes” autoplayspeed=”3000″]

अल्मोड़ा जिला

उधम सिंह नगर जिला

चंपावत जिला

नैनीताल जिला

पिथौरागढ़ जिला

बागेश्वर जिला

उत्तरकाशी जिला

चमोली गढ़वाल जिला

टिहरी गढ़वाल जिला

देहरादून जिला

पौड़ी गढ़वाल जिला

रुद्रप्रयाग जिला

हरिद्वार जिला

नवीनतम योजनाएं

पंचायती राज विभाग में संचालित योजनायें

चयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पदों हेतु आवश्यक सूचना.

प्रशिक्षण हेतु संस्थाओं का सूचिबधिकरण.

1. प्रशिक्षण हेतु विज्ञप्ति.

2. प्रशिक्षण घटक : SWM Policy

चयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पदों हेतु आवश्यक सूचना.

प्रशिक्षण हेतु संस्थाओं का सूचिबधिकरण.

1. प्रशिक्षण हेतु विज्ञप्ति.

2. प्रशिक्षण घटक : SWM Policy

चयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पदों हेतु आवश्यक सूचना.

प्रशिक्षण हेतु संस्थाओं का सूचिबधिकरण.

1. प्रशिक्षण हेतु विज्ञप्ति.

2. प्रशिक्षण घटक : SWM Policy

चयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पदों हेतु आवश्यक सूचना.

प्रशिक्षण हेतु संस्थाओं का सूचिबधिकरण.

1. प्रशिक्षण हेतु विज्ञप्ति.

2. प्रशिक्षण घटक : SWM Policy

चयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पदों हेतु आवश्यक सूचना.

प्रशिक्षण हेतु संस्थाओं का सूचिबधिकरण.

1. प्रशिक्षण हेतु विज्ञप्ति.

2. प्रशिक्षण घटक : SWM Policy

चयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पदों हेतु आवश्यक सूचना.

प्रशिक्षण हेतु संस्थाओं का सूचिबधिकरण.

1. प्रशिक्षण हेतु विज्ञप्ति.

2. प्रशिक्षण घटक : SWM Policy

Leave a Reply

Your email address will not be published.